यह सोचना भूल है कि एक विचार अथवा संकल्प केवल तभी प्रभाव डाल सकता है जब वह वचन या कर्म में अभिव्यक्त किया जाता है : अव्यक्त विचार, अनभिव्यक्त संकल्प भी सक्रिय उर्जाएँ हैं और वे अपने निजी कम्पन, प्रभाव या प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न कर सकती है ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र (भाग-२)
भगवान के प्रति पूर्ण आत्म-दान के लिए तीन विशेष विधियाँ : (१) सारे गर्व को…
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…