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पूर्णता और कर्म

अगर लोगों को पूर्ण होने की वजह से काम को बंद कर देना पड़े तो हर व्यक्ति को पूरी तरह काम बंद कर देना पड़ेगा । हमें अपने काम में ही प्रगति करनी और शुद्धि प्राप्त करनी होगी।

तुम जो कुछ काम कर रहे हो उसे जारी रखो, लेकिन यह कभी न भूलो कि तुम जो कर रहे हो उसे ज़्यादा अच्छी तरह किया जा सकता है और उसे करना भी चाहिये।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

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