तुम औरों की मनोभावनाओं और सनको का अपने ऊपर असर नहीं पड़ने देते – यह बात बिलकुल ठीक है। तुम्हें इस सबसे ऊपर उठकर भगवान की सतत उपस्थिती, प्रेम और सुरक्षा का अनुभव करना चाहिये।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)
तुम्हें जो चीज़ जाननी चाहिये वह है, ठीक तरह से यह जानना कि तुम जीवन…
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…