हमने जो सब सीखा है एक शंका भरे अनुमान जैसा है
सब सफलताएं एक पथ या एक अवस्था सम दीखती हैं
जिसका अग्रिम छोर हमारी द़ृष्टि से छिपा है,
एक अनायास घटित घटना या एक दैव नियति लगती है।
संदर्भ : “सावित्री”
तुम्हें जो चीज़ जाननी चाहिये वह है, ठीक तरह से यह जानना कि तुम जीवन…
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…