पृथ्वी की पंखदारी कल्पनाएं स्वर्ग में सनातन सत्य के अश्व हैं,
आज की असम्भावना भावी पदार्थों के भागवत संकेत हैं।
संदर्भ : “सावित्री”
भगवान के प्रति पूर्ण आत्म-दान के लिए तीन विशेष विधियाँ : (१) सारे गर्व को…
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…