यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी सहायता और तुम्हारा मार्गदर्शन कर रहे हैं । ‘वे’ ऐसे साथी हैं जो कभी धोखा नहीं देते ऐसे मित्र हैं जिनका प्रेम दिलासा देता और बल देता है । श्रद्धा रखो और वे तुम्हारे लिए सब कुछ कर देंगे ।
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी सहायता और तुम्हारा मार्गदर्शन कर रहे हैं । ‘वे’ ऐसे साथी हैं जो कभी धोखा नहीं देते, ऐसे मित्र हैं जिनका प्रेम दिलासा देता और बल देता है । जितना अधिक तुम अकेलापन अनुभव करोगे उतना ही अधिक तुम उसकी ज्योतिर्मयी ‘उपस्थिति’ को महसूस कर सकने के लिए तैयार होगे । श्रद्धा रखो और वे तुम्हारे लिए सब कुछ कर देंगे ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग -२)
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…