एक समर्थ महाप्राण अपनी आन्तरिक शक्तियों के साथ
हमारी इस बौनी लघुता को सहारा देता है
जिसे हम जीवन कह कर पुकारते हैं;
यह हमारे इस रेंगने पर दो शक्तिशाली पंख लगा सकता है ।
संदर्भ : सावित्री
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