ऐसे लोग हैं जो विनम्र दीखने के लिए कभी-कभी कह देते है : “मैं कुछ नहीं जानता,” परंतु वे जो कहते है उस पर विश्वास नहीं करते !
संसार-भर में सभी जगह कपटी और ढोंगी लोग हैं । यह उनका दुर्भाग्य है। वे प्रगति का द्वार पूरी बंद कर देते हैं । बस ।
संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५३
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…