मैं कुछ नहीं जानता


श्रीअरविंद आश्रम की श्री माँ

ऐसे लोग हैं जो विनम्र दीखने के लिए कभी-कभी कह देते है : “मैं कुछ नहीं जानता,” परंतु वे जो कहते है उस पर विश्वास नहीं करते !

संसार-भर में सभी जगह कपटी और ढोंगी लोग हैं । यह उनका दुर्भाग्य  है। वे प्रगति का द्वार पूरी बंद कर देते हैं । बस ।

संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५३


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