श्रीअरविंद आश्रम की श्रीमाँ
समाजवादी चाहते हैं पूंजीवाद को खत्म करना, किन्तु ऐसा न करना बेहतर होगा। वे राष्ट्रीय संपत्ति के स्तोत्र हैं। उन्हें राष्ट्र के हित में खर्च करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिये। कर लगाना ठीक है, किन्तु तुम्हें उत्पादन बढ़ाना होगा, नये उद्योग आरम्भ करने होंगे और जीवन-स्तर को भी उपर उठाना होगा। इसके बिना यदि तुम करों में वृद्धि करोगे तब मन्दी की स्थिति आ जायेगी।
संदर्भ : सांध्य वार्ताएं
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…