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भौतिक क्रियाएँ

इन भौतिक क्रियाओं को इतना अधिक महत्व क्यों दिया जाये ? ज्यादा अच्छा यह है कि उनसे बिलकुल मुक्त अनुभव करो और उनके बारे में चिंता किए बिना उन्हें अपनी राह जाने दो, जब तक कि तुम्हारें अंदर वह आवश्यक शक्ति और ज्ञान न हो जो इनके अंधकार में हस्तक्षेप करके इन्हें बदलने और परम ज्योति और चेतना कि सच्ची अभिव्यक्ति बनने के लिये इन्हें बाधित न कर दे।

संदर्भ : श्रीमाताजी के वचन (भाग-२)

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