मुझे यह सिखाइये कि आपको पाने के लिए किस तरह प्रयास करूँ ?
तुम्हें अपनी इच्छा-शक्ति लगानी होगी ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१७)
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…