श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

पथ की अनिवार्यता

यदि कोई चीज़ कठिन है तो इसका यह मतलब नहीं है कि तुम्हें उसे छोड़ देना चाहिये। इसके विपरीत, चीज़ जितनी कठिन हो उससे ज़्यादा उसे सफलता के साथ पूरा करने का संकल्प तुम्हारें अंदर होना चाहिये।

सभी चीज़ों में सबसे कठिन है भागवत चेतना को जड़ भौतिक जगत में उतार लाना। तो क्या इस कारण प्रयास छोड़ देना चाहिये ?

हमारा मार्ग बहुत लम्बा है और अनिवार्य है कि अपने-आपसे पग-पग पर यह पूछे बिना कि हम आगे बढ़ रहे हैं या नहीं, शांति के साथ आगे बढ़ा जाये।

संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)

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