श्रीमाँ की ज्योति

कुछ लोगो को श्रीमाँ के चारों और ज्योति आदि के दर्शन होते हैं पर मुझे नहीं होते । मेरे अंदर क्या रुकावट है ?

यह कोई रुकावट नहीं – यह केवल आंतरिक इंद्रियों के विकास का प्रश्न है । इसका आध्यात्मिक उन्नति के साथ कोई अनिवार्य संबंध नहीं । कुछ लोग पथ पर बहुत आगे बढ़ चुके हैं पर उन्हें इस प्रकार का अंतरदर्शन यदि होता भी है तो बहुत ही कम – दूसरी ओर, कभी-कभी निरे आरंभिक साधकों में, जिन्हें अभी केवल अत्यंत प्राथमिक आध्यात्मिक अनुभव ही हुए होते है, बहुत बड़ी मात्रा में विकसित हो जाता है ।

संदर्भ : माताजी के विषय में 

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