दर्शन सन्देश २१ फरवरी २०२२ (१/३)
धरती पर जीवन तत्त्वतः प्रगति का क्षेत्र है लेकिन जो कुछ प्रगति करनी है उसके…
हे ज्योतिर्मय प्रेम ! तू मेरी समूची सत्तामें भर गया है और उसे आनंदित कर…
अब, हे परमेश्वर, चीजें बदल गयी है। विश्राम और तैयारी का काल समाप्त हो गया…
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
मधुर माँ , यहाँ अपने कमरे में बैठ कर ध्यान करने और सबके साथ खेल…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…
भगवान के सिवा कभी किसी दूसरे मनुष्य या दूसरी वस्तु पर, वह चाहे जो हो…
तुम माँ के बच्चे हो और माँ का अपने बच्चों के प्रति प्रेम असीम होता…
यदि अच्छी कामनाएँ हैं तो बुरी कामनाएँ भी आयेंगी। संकल्प और अभीप्सा तो साधना के…