हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ?
मानसिक गतिविधि की अतिशयता ही तुम्हें मेरी उपस्थिति का अनुभव करने से रोकती है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का वार्तालाप शान्ति दोशी के साथ
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…