हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ?
मानसिक गतिविधि की अतिशयता ही तुम्हें मेरी उपस्थिति का अनुभव करने से रोकती है ।
संदर्भ : श्रीमाँ का वार्तालाप शान्ति दोशी के साथ
श्रीअरविन्द सूक्ष्म-भौतिक में निरन्तर रहते हैं और वहां बहुत सक्रिय हैं। मैं प्रायः रोज उनसे…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…