श्री माँ के वचन

उपलब्धि का दरवाजा

... जिस क्षण तुम यह कल्पना करते और किसी-न-किसी तरह अनुभव करते हो, या , प्रारम्भ में, इतना मान भी…

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प्रसन्नता

प्रसन्नता भी उतनी ही संक्रामक है जितनी उदासी - इससे ज़्यादा उपयोगी और कुछ नहीं हो सकता कि तुम लोगों…

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मेरी आँखों में देखो

मेरे बच्चे, यदि तुम एकाग्र होकर गहराई से मेरी आँखों में देख सको तो तुम्हें वह सब मिल जायेगा जो…

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बाहरी प्रभाव

किसी अन्य मनुष्य के प्रभाव के प्रति खुले रहना हमेशा दुखद होता है। तुम्हें भगवान के सिवा और किसी के…

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अनिर्वचनीय शांति

तूने मेरी सत्ता को अनिर्वचनीय शांति और अद्वितीय विश्रांति से भर दिया है ... किसी व्यक्तिगत विचार या इच्छा के…

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अवतारवाद का अर्थ

सर्वशक्तिमान होने के नाते भगवान धरती पर उतरने का झंझट किये बिना ही लोगों को ऊपर उठा सकते हैं। अवतारवाद…

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श्रीअरविंद का कार्य

श्रीअरविंद जगत् को उस भविष्य के सौन्दर्य के बारे में बतलाने आए थे जिसे चरितार्थ करना ही होगा । वे…

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निराशावाद – शैतान का महान अस्त्र

निराशावाद शैतान का अस्त्र है और वह अपनी स्थिति को भांप लेता है ... (हिलाने का संकेत) । हां, तो…

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रूपान्तर

जो रूपान्तर के लिये तैयार हैं वे उसे किसी भी जगह कर सकते हैं। और जो तैयार नहीं है वे…

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अध्यवसाय

अध्यवसाय के द्वारा ही तुम कठिनाइयों को पार कर सकते हो, उनसे भाग कर नहीं । जो अध्यवसाय करता है…

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