अध्यवसाय के द्वारा ही तुम कठिनाइयों को पार कर सकते हो, उनसे भाग कर नहीं । जो अध्यवसाय करता है वह निश्चय ही जीत जायेगा । विजय सबसे ज्यादा धैर्य रखने वाले की ही होती है । हमेशा अपना अच्छे-से अच्छा करो और प्रभु परिणाम देख लेंगे ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग २)
क्या अपने-आपको बुरा-भला कहना प्रगति करने का अच्छा उपाय है ? अपने-आपको बुरा भला-भला…
मधुर माँ, हम स्वप्न में अच्छे और बुरे में कैसे फ़र्क़ कर सकते हैं। सिद्धांत…
(अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते।…