अध्यवसाय के द्वारा ही तुम कठिनाइयों को पार कर सकते हो, उनसे भाग कर नहीं । जो अध्यवसाय करता है वह निश्चय ही जीत जायेगा । विजय सबसे ज्यादा धैर्य रखने वाले की ही होती है । हमेशा अपना अच्छे-से अच्छा करो और प्रभु परिणाम देख लेंगे ।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग २)
अप्रिय विचार अप्रिय भावनाएं लाते हैं--अप्रिय भावनाएं तुम्हें भगवान् से दूर ले जाती हैं और…
भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों…
इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…
जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी…
भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…