भारत इस भूमि की मिट्टी, नदियां और पहाड़ नहीं है , न ही इस देश के वासियों का सामूहिक नाम…
जब तुम सोने के पहले एकाग्र होते हो तब तुम नींद में भागवत शक्ति के सम्पर्क में रहते हो। लेकिन…
स्वाधीनता बाहरी परिस्थितियों से नहीं , आंतरिक मुक्ति से आती है । अपनी अंतरात्मा को खोजो, उसके साथ एक हो…
कुछ लोगों को प्रार्थना पसन्द नहीं ; अगर वे अपने हृदय की गहराई में जायें तो देखेंगे कि यह घमण्ड…
तुम्हें अकेलापन इसलिये लगता है क्योंकि तुम्हें प्रेम की आवश्यकता मालूम होती है। बिना किसी मांग के प्रेम करना सीखो,…
तुम उस प्रेम से खुश नहीं होते जो कोई और तुम्हारे लिए अनुभव करता है। तुम्हें औरों के लिए जो…
'भागवत उपस्थिति' दिन-रात सतत मौजूद है । चुपचाप अन्दर की ओर मुड़ना काफी है और हम उसे पा लेंगे ।…
मधुर माँ , एक लम्बे अरसे से मैं देख रहा हूँ कि मैं कुछ लजीला-सा हूं । मेरे अन्दर हीन-भावना…
श्रीअरविंद धरती पर अतिमासनिक जगत की अभिव्यक्ति की घोषणा करने आये थे और उन्होने इस अभिव्यक्ति की घोषणा ही नहीं…
साधक : "उच्चतर चेतना में उठने या उस तक छलांग लगाने के लिए क्या किया जाये ? " श्रीमाँ :…