श्री माँ के वचन

भारत की भूमिका

वर्तमान राजनीति में भारत को क्या कोई विशेष भूमिका निभानी है ? . . . भारत को जगत में एक…

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बाहर निकलो 

  ​सच्ची बुद्धि पाने के लिए अपने मन से बाहर निकलो । सच्ची अनुभूति पाने के लिए संवेदनों से बाहर…

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दो शर्तें

यदि तुम रोग मुक्त होना चाहते हो तब दो शर्तें हैं। पहला, तुम्हें भय से मुक्त होना होगा, नितान्त निर्भीक,…

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दुखों से छुटकारा

भगवान के प्रति सच्चे और निष्कपट निवेदन में ही हम अपने अति-मानवीय दुखों से छुटकारा पा सकते हैं । संदर्भ…

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उदारता

. . .  मैं यहाँ भौतिक उदारता की चर्चा नहीं करूँगी जिसका स्वाभाविक स्वरूप है अपने पास जो कुछ हो…

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भागवत कृपा

​'भागवत कृपा' कार्य करने के लिए हमेशा मौजूद है लेकिन तुम्हें उसे कार्य करने देना चाहिये, उसकी क्रिया का प्रतिरोध…

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 पथ पर आगे बढ़ने का सबसे शक्तिशाली उपाय

मनुष्य जो कुछ थोड़ा-बहुत जानता है, उसे जीवन में उतारना ही अधिक जानने का सबसे उत्तम तरीका है, यह पथ…

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कौन योग्य और कौन अयोग्य ?

​'भागवत कृपा' के सामने कौन योग्य है और कौन अयोग्य ?   सभी तो उसी एक दिव्य 'मां' के बालक…

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एकमात्र सुरक्षा

​जीवन में एकमात्र सुरक्षा, अपनी पुरानी भूलों की परिणामों से बचने का एकमात्र रास्ता आंतरिक विकास है, जो भागवत उपस्थिति…

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उचित मनोभाव

स्वांग मत करो, बनो । वचन मत दो, करो । सपने मत देखो, चरितार्थ करो । संदर्भ : माताजी के…

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