निराशावाद शैतान का अस्त्र है और वह अपनी स्थिति को भांप लेता है … (हिलाने का संकेत) । हां, तो मैं जिस सम्भावना को देख रही हूं, अगर वह सिद्ध हो जाये तो यह वास्तव में विरोधी शक्तियों पर एक निर्णायक विजय होगी – स्वभावत:, वह (निराशावाद-शैतान) भरसक अपना बचाव करता है … । वह हमेशा शैतान होता है ; जैसे ही तुम निराशावाद की पुंछ देखो, , समझ लो कि शैतान है। यह उसका महान अस्त्र है ।
संदर्भ : पथ पर
अप्रिय विचार अप्रिय भावनाएं लाते हैं--अप्रिय भावनाएं तुम्हें भगवान् से दूर ले जाती हैं और…
भूल या सजा देने का कोई प्रश्न ही नहीं है-अगर लोगों को हम उनकी भूलों…
इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित…
जो श्रद्धा वैश्व भगवान के प्रति जाती है वह लीला की आवश्यकताओं के कारण अपनी…
भगवान मुझसे क्या चाहते है ? वे चाहते है कि पहले तुम अपने-आपको पा लो,…