तूने मेरी सत्ता को अनिर्वचनीय शांति और अद्वितीय विश्रांति से भर दिया है … किसी व्यक्तिगत विचार या इच्छा के बिना, मैंने अपने-आपको तेरी अनंतता द्वारा निष्क्रिय भाव से झुलाये जाने दिया ।
संदर्भ : प्रार्थना और ध्यान
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…