एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा एक पृष्ठ खोल लिया और…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने, तुम्हारी रक्षा करने, तुम्हें बल…
हे प्रभु ! तू क्या मुझे यह शिक्षा देना चाहता है कि जिन सब प्रयासों- का लक्ष्य मेरी अपनी सत्ता…
प्रिय माताजी, हमारा सच्चा आध्यात्मिक जीवन कहां से आरंभ होता है? सच्चा आध्यात्मिक जीवन तब आरंभ होता है जब मनुष्यको…
व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि विजय पास है या दूर ─ व्यक्ति को पास और दूरकी चिन्ता किये बिना…
जब कोई आदमी माताजी के संरक्षण में योग करना आरंभ करता है तब क्या वह पूर्ण रूप से उनके द्वारा…
किसी कठिनाई के कारण बेचैन या निरुत्साहित मत होओ बल्कि चुपचाप और सरल भाव से अपने को माताजी की शक्ति…
जब एक बार चेतनाएं एकाकी चेतना से पृथक् हो गयीं तब अवश्यम्भावी रूप से वे अज्ञान में गिर गयीं, और…
जो कुछ मनुष्य सच्चाई के साथ और निरंतर भगवान् से चाहता है, उसे भगवान् अवश्य देते हैं। तब यदि तुम…
... हमारे कहने का यह अभिप्राय है कि संग्राम और विनाश ही जीवन के अथ और इति नहीं हैं, कि…