क्या यह सम्भव है कि काम करते समय यह याद रखा जाये कि हमारे द्वारा माताजी ही काम कर रही हैं ?
अगर वह कर्म है तो तुम हमेशा कर सकते हो, यह याद रखो कि यह यंत्र पर निर्भर करता है कि माताजी की शक्ति खुल कर काम करती है या नहीं ।
संदर्भ : एक युवा साधक के नाम पत्र (नगीन दोशी)
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…