जब कोई विशेष कार्य करना होता है तब अवतार की आवश्यकता होती है। अवतार विशेष अभिव्यक्ति होते हैं जब कि…
प्रकृति के जिस दिव्यीकरण की बात हम कर रहे हैं वह पूरी तरह से काया-पलट है - न केवल किसी…
मन की संकीर्णता से प्रेम करने का क्या तात्पर्य है? लोग संकीर्ण रहना पसन्द करते हैं; वे उनके अपने सीमित…
इस आश्रम की स्थापना का उद्देश्य वह नहीं हैं जो साधारणतया ऐसी संस्थाओं की स्थापना का हुआ करता है ।…
दो संभावनाएँ होती हैं, एक है व्यक्तिगत प्रयास के द्वारा शुद्धिकरण, जो लंबा समय लेता है; दूसरा है भागवत कृपा…
एकांतवास का प्रेम इस बात का लक्षण है कि तुममें ज्ञान कि खोज करने की प्रवृत्ति है; परंतु स्वयं ज्ञान…
आश्रम में दो तरह के वातावरण हैं, हमारा तथा साधकों का। जब ऐसे व्यक्ति जिसमें अनुभूति पाने की कुछ क्षमता…
मनुष्य-जीवन के अधिकांश भाग की कृत्रिमता ही उसकी अनेक बुद्धमूल व्याधियों का कारण है, वह न तो अपने प्रति सच्चा…
सब कुछ माताजी पर छोड़ देना, पूर्ण रूप से उन्ही पर भरोसा रखना और उन्हें लक्ष्य की ओर ले जाने…
तुम्हें बस शान्त-स्थिर और अपने पथ का अनुसरण करने में दृढ़ बनें रहना है और तुम अन्त तक पहुँच जाओगे।…