अवतार की आवश्यकता

जब कोई विशेष कार्य करना होता है तब अवतार की आवश्यकता होती है। अवतार विशेष अभिव्यक्ति होते हैं जब कि बाकी समय सामान्य मनुष्य के अन्दर विभूति के रूप में भगवान ही कार्य करते है ।

संदर्भ : माताजी के विषय में 

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