आपने कहा है कि गलत गति का दमन करने से वह बस दब जाती है, यदि उसे पूरी तरह निकालना…
यदि मन सभी परिस्थितियों और सभी हालतों में शान्त रहे तो धैर्य आसानी से बढ़ेगा। संदर्भ : श्रीमाँ के वचन…
न केवल अपनी आन्तरिक एकाग्रता में बल्कि अपनी बाह्य क्रियाओं व गतिविधियां में भी तुम्हें उचित मनोवृत्ति अपनानी चाहिये। यदि…
मुर्ग़ी और उसके बच्चे का एक दृष्टांत सुनो : गौतम बुद्ध अपने शिष्यों से कहते थे कि तुम अपनी ओर…
उदार हृदय हमेशा अपने पुराने दुर्व्यवहारों को भूल जाता है और दुबारा सामंजस्य लाने के लिए तैयार रहता है। आओ,…
इन भौतिक क्रियाओं को इतना अधिक महत्व क्यों दिया जाये ? ज्यादा अच्छा यह है कि उनसे बिलकुल मुक्त अनुभव…
मुझे यह सिखाइये कि आपको पाने के लिए किस तरह प्रयास करूँ ? तुम्हें अपनी इच्छा-शक्ति लगानी होगी । संदर्भ…
स्वाभाविक है कि महानतर अनुभूतियाँ होने पर सत्ता उल्लासित हो उठती है, साथ-ही-साथ उसमें अद्भुतता तथा चमत्कार का भाव भी…
मधुर माँ, हम दूसरे की आवश्यकता को कैसे जान सकते और उसकी सहायता कर सकते हैं ? मैं बाहरी चीजों…
पृथ्वी के आरम्भकाल से जब भी और जहाँ भी व्यक्तिगत रूप से दैवी चेतन की अभिव्यक्ति की संभावना रही है, मैं वहाँ विद्यमान…