भ्रान्ति

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यह मानना भ्रान्ति या अन्धविश्वास है कि कोई बाहरी चीज या परिस्थिति किसी भी चीज का कारण हो सकती है।…

थके बिना काम करना

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थके बिना काम करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि चाहे जो भी काम हो उसे भगवान् के अर्पण…

पापी के पास ‘कृपा’ का आना

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पापी की सहायता के लिए 'कृपा' कैसे आ सकती है भला? वह पापी को पापी बने रहने में सहायता नहीं…

शारीरिक अव्यवस्था का सामना

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जब शारीरिक अव्यवस्था आये तो तुम्हें डरना नहीं चाहिये, तुम्हें उससे निकल भागना नहीं चाहिये, तुम्हें उसका सामना साहस, शान्ति,…

विश्वास रखो

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परम शक्ति सभी गतिविधियों को हाथ में ले रही है। वह उन्हें सत्य में बदल देगी। किसी प्रयास की जरूरत…

क्या कठोरता सही है ?

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किसी व्यक्ति को निरुत्साहित करना अनुचित है, परन्तु मिथ्या उत्साह देना अथवा किसी अनुचित वस्तुके लिये उत्साहित करना ठीक नहीं…

आत्म-विश्वास

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आत्म-विश्वास के बिना तुम कभी कुछ नहीं कर सकते ... क्योंकि साधना के प्रारम्भिक बेचैनी-भरे वर्षों में तुम्हारे पास और…

भगवान के दो रूप

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... हमारे कहने का यह अभिप्राय है कि संग्राम और विनाश ही जीवन के अथ और इति नहीं है, कि…

भगवान की बातें

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जो अपने हृदय के अन्दर सुनना जानता है उससे सारी सृष्टि भगवान् की बातें करती है । संदर्भ : माताजी…

शांति के साथ

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हमारा मार्ग बहुत लम्बा है और यह अनिवार्य है कि अपने-आपसे पग-पग पर यह पूछे बिना कि हम आगे बढ़…