सच्ची पराजय तब होती है जब व्यक्ति अपनी आत्मा को पाये बिना, उसके नियम के अनुसार जीवन बिताये बिना ही मृत्युको प्राप्त हो जाता हैं ।
संदर्भ : विचार और सूत्र के प्रसंग में
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…