खोज की प्रमुख शक्ति

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जो कुछ मनुष्य सच्चाई के साथ और निरंतर भगवान् से चाहता है, उसे भगवान् अवश्य देते हैं। तब यदि तुम…

अपनों पर आश्रित लोगों से व्यवहार

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जो लोग अपनी आजीविका के लिए तुम पर निर्भर हैं उनके साथ तुम्हें बहुत शिष्ट होना चाहिये। अगर तुम उनके…

भगवान के दो रूप

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... हमारे कहने का यह अभिप्राय है कि संग्राम और विनाश ही जीवन के अथ और इति नहीं हैं, कि…

नींद का विद्यालय

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नींद ऐसा विद्यालय है जिसमें से मनुष्य को गुजरना पड़ता है अगर वह यह जानता है कि वहां अपने पाठ…

ध्यान के चरण

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ध्यान करने की चेष्टा करने पर व्यक्तिके सामने प्रारंभ में, सर्व प्रथम बाधा निद्रा- के रूपमें आती है। उस बाधा…

पहली चीज़

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पहली चीज़ है अपने-आपको विचार, भाव और क्रिया में विश्व के केंद्र में न रखना, मानों उसका अस्तित्व तुम्हारे लिए…

वृत्ति

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सत्य वृत्ति है विश्वास की  वृत्ति, आज्ञाकारिता की वृत्ति, निवेदन की वृत्ति। संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९५५

किसका भय ?

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तुम्हारी निष्ठा और समर्पण सत्यमय और संपूर्ण होने चाहियें। जब तुम अपना अर्पण करते हो तो अपने को दे डालो…

मुझ पर विश्वास रखो

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मुझे इतना डर क्यों लगता है? क्योंकि तुम्हारा ख्याल है कि मैं तुम्हारे ऊपर अपनी इच्छा लादना चाहती हूं; लेकिन…

विरोधी शक्तियों का प्रतिरोध

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आक्रमण और वैश्व शक्तियों की क्रिया के सम्बन्धमें-जब प्रगति तेजीसे हो रही होती है, और सुनिश्चित होनेकी दिशा में बढ़…