भारत के विषय में

% दिन पहले

भारत को जगत् का आध्यात्मिक नेता होना ही चाहिये । अन्दर तो उसमें क्षमता है, परन्तु बाहर... अभी तो सचमुच…

प्रकाश – श्रीअरविन्द की कविता

% दिन पहले

प्रकाश, अन्तहीन प्रकाश! अंधेरे को नहीं अब अवकाश, जीवन की अज्ञानी खाइयां तज रहीं अपनी गोपनता : विशाल अवचेतन-गहराइयां जो…

सम्पूर्ण आत्मसमर्पण

% दिन पहले

एकदम आरम्भ से ही आत्मसमर्पण का पूर्ण होना सम्भव नहीं हैं न? साधारण रूप में नहीं। इसमें थोड़ा-बहुत समय लगता…

हमारा उद्देश्य

% दिन पहले

योगी, सन्यासी, तपस्वी बनना यहाँ का उद्देश्य नहीं हैं। हमारा उद्देश्य है रूपांतर, और तुमसे अनंतगुना बड़ी शक्ति के द्वारा…

शिष्य की प्रार्थना

% दिन पहले

मेरी प्यारी माँ, मेरा हृदय तुम्हारे चरणों की ओर दौड़ना चाहता है और अपने-आपको तुम्हारे अंदर खो देना चाहता है…

नियमितता

% दिन पहले

मेरा वर्तमान जीवन अनुशासनरहित है, हालांकि मैं सोचता हूँ कि वह अचंचल है । क्या आप चाहेंगी कि यह कुछ…

सत्य क्या है

% दिन पहले

एक पंद्रह वर्ष की लड़की ने पूछा, "सत्य क्या है ?" मैंने उत्तर दिया, "परम प्रभु की इच्छा ।" यह…

देशभक्ति की भावना तथा योग

% दिन पहले

देशभक्ति की भावनाएँ हमारे योग की विरोधी बिलकुल नहीं हैं, बल्कि अपनी मातृभूमि की शक्ति तथा अखंडता के लिए संकल्प…

दृढ़ श्रद्धा बनाये रखो

% दिन पहले

किसी भी तरह के हतोत्साह को अपने ऊपर हावी मत होने दो और 'भागवत कृपा' पर कभी अविश्वास न करो।…