एक तरु रेतीले सर-तीर बढ़ाये अपने लंबे डाल अंगुलियों से ऊपर की ओर चाहता छूना गगन विशाल । किन्तु…
केवल वही वर्ष जो व्यर्थ में गुजरते हैं, तुम्हें बूढ़ा बना देते हैं । वह वर्ष व्यर्थ जाता है जिसमें…
किसी भी बाहर की चीज़ को अपने नजदीक आने और अपने - आपको क्षुब्ध न करने दो। लोग जो सोचते,…
मधुर माँ, दो मानव सत्ताओं के बीच सबसे अच्छा संबंध कौन सा है ? माँ - बेटे का ? भाई,…
चेतना के परिवर्तन द्वारा वस्तुओं की बाहरी प्रतीतितियों से निकल कर उनके पीछे की सच्चाई में जाना समस्त योग का…
माताजी की सतत उपस्थिति अभ्यास के द्वारा आती हे; साधना में सफलता पाने के लिये भागवत कृपा अत्यंत आवश्यक है, पर अभ्यास…
मुझे लगता है कि परीक्षा यह जानने का दक़ियानूसी और व्यर्थ उपाय है कि विद्यार्थी समझदार, इच्छुक और एकाग्र हैं…
मनुष्य बीते कल की सृष्टि है । श्रीअरविंद आगामी कल की सृष्टि - अतिमानसिक सत्ता के आने - की घोषणा…
. . . फिर भी कितने धीरज की जरूरत है ! प्रगति की अवस्थाएँ कितनी अदृश्य-सी हैं ! ... ओह…
कुछ लोगो को श्रीमाँ के चारों और ज्योति आदि के दर्शन होते हैं पर मुझे नहीं होते । मेरे अंदर…