माताजी की उपस्थिति हमेशा रहती ही है; पर तुम यदि स्वयं अपने ही ढंग से अपनी निजी भावना, वस्तुओं के…
भय और संकोच के बिना, हमेशा अधिक ऊंचे, अधिक दूर तक उड़ो! आज की आशाएं भावी कल की उपलब्धियां हैं।…
हमेशा ऊँचे उड़े चलो, दूर-दूर चलते चलो, बिना हिचके चलो। आज की आशाएँ कल की सिद्धियाँ होगी। संदर्भ : माताजी…
इन छोटी-छोटी बातों से क्यों उत्तेजित हो जाते हो? या उनसे अपने को क्यों विचलित होने देते हो? यदि तुम…
योग करने के लिए हमेशा मुंह गंभीर बनाये रखना या चुप रहना आवश्यक नहीं है, पर आवश्यक है कि योग…
जब कोई प्रगति की जाती है तो वह प्रायः विरोधी शक्तियों को सक्रिय होनेके लिये उकसा देती है, वे शक्तियां…
माताजी को स्मरण करो और, यद्यपि शरीर से तुम उनसे बहुत दूर हो, उनको अपने साथ अनुभव करने का प्रयास…
क्या यह सच नहीं है कि मनुष्य को अपनी सारी अशुद्धता जाननी चाहिये? उन्हें जानना निश्चय ही जरूरी है, लेकिन…
यदि तुम भगवान् की मुड़ो और उन पर पूरा भरोसा रखो और उनसे मांगो, तो तुम उस चीज को पा…
... एक क्षण होता है जब जीवन, जैसा कि वह इस समय है, मानव चेतना, जैसी कि वह इस समय…