अंतर में माताजी की उपस्थिति

उसे अपने भीतर जाना होगा और अंतर में भगवती माता की और हृदय के पीछे चैत्य पुरुष की उपस्थिति को ढूंढ़ निकालना होगा और फिर वहीं से ज्ञान आयेगा और आंतरिक बाधाओं को विलीन कर देने की समस्त शक्ति आयेगी।

सन्दर्भ : माताजी के विषय में 

 

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