जब अतिमानस दैहिक मन में अभिव्यक्त होगा, केवल तभी उसकी उपस्थिती स्थायी हो सकती है । संदर्भ : माताजी के…
हमारे योग में एकाग्रता का मतलब है जब चेतना किसी विशेष स्थिति में (जैसे शांति में) या किसी क्रिया में…
मुझे लगता है कि हम तेरे मंदिर के गर्भगृह के हृदय में जा पहुंचे हैं और तेरी ही इच्छा के…
मेरे अनुभव के अनुसार तो जब लोग एकान्तवास करते हैं तो तमस् में जा गिरते हैं । संदर्भ : माताजी…
बिलकुल स्वाभाविक रूप से हम अपने-आपसे पूछते हैं कि वह कौनसा रहस्य है जहां पीड़ा हमें ले जाती है। एक…
हमारे युग में सफलता और उससे मिलने वाली भौतिक तुष्टि का ही मूल्य है। फिर भी असन्तुष्ट लोगों की हमेशा…
जो प्रगति करना चाहते हैं उनके लिए अभी बहुत विशेष अवसर है क्योंकि रूपान्तर शुरू होता है नयी शक्तियों की…