अधिक पाने के लिये अभीप्सा
मनुष्य को जो कुछ उसे मिलता है उससे संतुष्ट रहना चाहिये फिर भी शांत- रूप से, बिना संघर्ष के, और अधिक पाने के लिये अभीप्सा करनी...
मनुष्य को जो कुछ उसे मिलता है उससे संतुष्ट रहना चाहिये फिर भी शांत- रूप से, बिना संघर्ष के, और अधिक पाने के लिये अभीप्सा करनी...
किसी व्यक्ति को निरुत्साहित करना अनुचित है, परंतु मिथ्या उत्साह देना अथवा किसी अनुचित वस्तु के लिए उत्साहित करना ठीक नहीं है । कठोरता का...
माँ “निष्कपट” निष्ठा का क्या अर्थ है ? निष्कपट? वह सरल, सच्ची और शंका-रहित होती है। विशेश रूप से हम बच्चे की निष्कपटता की बात...
हृदय में शांति और मन में प्रकाश से भरपूर, हे प्रभु, हम तुझे अपने अंदर ऐसा सजीव महसूस करते हैं कि हम सब घटनाओं के...
हे प्यारी मां, जब कोई मुझसे बातें करे तो मुझे अचंचल रहना सिखाइये, क्योंकि, बाद में मेरा मन भटकता है। अपने-आपको बातचीत के साथ एक...
पूर्णतः सच्चा होनेके लिये यह आवश्यक है कि कोई पसंदगी, कोई कामना, कोई आकर्षण, कोई नापसंदगी, कोई सहानुभूति या विद्वेष, कोई आसक्ति, कोई विकर्षण न...
भगवान् पर संपूर्ण भरोसा करने में ही आनंद है। सन्दर्भ : श्री मातृवाणी (खण्ड-१६)
हमारे लिए, पुनरुज्जीवन का अर्थ है, पुरानी चेतना का झड़ जाना; लेकिन यह केवल पुनर्जन्म नहीं है जो अतीत के साथ पूरी तरह सम्बन्ध तोड़...
(श्रीमाँ श्रीअरविंद से २९ मार्च १९१४ को पहली बार मिली थीं और यह प्रार्थना उन्होने १ अप्रैल १९१४ को लिखी थी। ) मुझे लगता है...
हे माँ, मैं आपसे सचमुच बहुत दूर हूँ ! इसका कारण यह है कि तुम बहुत बिखरे हुए हो – तुम्हारी चेतना एकाग्र रहने की...