माताजी, मैं अपनी चीजें बार-बार क्यों खोता रहता हूं ?
क्योंकि तुम चीजों को काफी हद तक अपनी चेतना में नहीं रखते।
संदर्भ : माताजी के वचन (भाग – २)
एक या दो बार, बस खेल-ही-खेलमें आपने अपनी या श्रीअरविंदकी कोई पुस्तक ली और सहसा…
मेरे प्यारे बालक, तुम हमेशा मेरी भुजाओं में रहते हो और मैं तुम्हें सुख-सुविधा देने,…