१. दूसरों पर नियन्त्रण रख सकने के लिए स्वयं अपने ऊपर पूर्ण नियन्त्रण पाना अनिवार्य शर्त है।
२. कोई पसन्द न होना, एक को पसन्द और दूसरे को नापसन्द न करना, हर एक के साथ समान होना।
३. हर एक के साथ धीरज रखना और सहिष्णु होना।
और साथ ही केवल वही बोलना जो एकदम अनिवार्य हो, उससे अधिक नहीं।
सन्दर्भ : माताजी के वचन (भाग-३)*
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