समय-समय पर अंदर दृष्टि डालना तथा यह अनुभव करना कि हम कुछ नहीं है, और कुछ नहीं कर सकते सदा ही अच्छा होता है। किंतु तब हमें तुझपर भी अपनी दृष्टि डालनी चाहिए, यह जानते हुए कि तू सब कुछ है और सब कुछ कर सकता है।
तू हमारे जीवन का जीवन है और हमारी सत्ता का प्रकाश है, तू हमारी भवितव्यता का स्वामी है।
सन्दर्भ : प्रार्थना और ध्यान
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…
सारी समस्या का निचोड़ यह है : बुद्धि के मानसिक प्रशासन की जगह आध्यात्मिक चेतना…