मधुर माँ ,
जल्दी सोना और जल्दी उठना क्यों ज्यादा अच्छा है ?
सूर्यास्त के समय एक तरह की शांति धरती पर उतरती है और यह शांति नींद में सहायक होती है ।
सूर्योदय के समय एक सशक्त ऊर्जा धरती पर उतरती है और यह ऊर्जा काम के लिए सहायक होती है ।
अगर तुम देर से सोओ और देर से जागो तो तुम प्रकृति की शक्तियों का विरोध करते हो और यह बहुत बुद्धिमत्ता वाली बात नहीं है ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)
(अधिकतर साधक) अहंकारी होते हैं और वे अपने अहंभाव को अनुभव या स्वीकार नहीं करते।…
अवतार की सम्भावना पर विश्वास करने या न करने से प्रकट तथ्य पर कोई फ़र्क़…
यदि चैत्य पुरुष की प्रकृति जाग्रत हो जाए, अपने पीछे विद्यमान माताजी की चेतना और…
भागवत चेतना की विभिन्न अवस्थाएँ होती हैं। रूपांतर की भी विभिन्न अवस्थाएँ होती है। पहली…