यदि तुम रोग मुक्त होना चाहते हो तब दो शर्तें हैं। पहला, तुम्हें भय से मुक्त होना होगा, नितान्त निर्भीक, समझते हो न ! और दूसरा, तुम्हें भागवत सुरक्षा में पूर्ण विश्वास रखना होगा । ये दोनों चीजें अनिवार्य हैं ।

संदर्भ : माताजी के वचन  (भाग-३)

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