जब तुम अपने-आपको किसी नि:स्वार्थ कार्य की परिपूर्णता के लिये सौंप देते हो तो कभी सामान्य लोगों से प्रशंसा या…
केवल उस समय जब मनुष्यों के विकास के लिए यह आवश्यक नहीं रह जाएगा कि मेरा शरीर उनके समान रहे,…
जीवन में शांति और आनंद के लिए आवश्यक शर्त है, पूरी सच्चाई के साथ वही चाहना जो भगवान चाहते हैं।…
सत्य 'शक्ति' हमेशा अचंचल होती है । दुर्बलता और अपूर्णता के निश्चित लक्षण हैं - बेचैनी, उत्तेजना तथा अधीरता। तुम्हें…
... जिस क्षण तुम यह कल्पना करते और किसी-न-किसी तरह अनुभव करते हो, या , प्रारम्भ में, इतना मान भी…
प्रसन्नता भी उतनी ही संक्रामक है जितनी उदासी - इससे ज़्यादा उपयोगी और कुछ नहीं हो सकता कि तुम लोगों…
भगवान के सिवा कभी किसी दूसरे मनुष्य या दूसरी वस्तु पर, वह चाहे जो हो निर्भर नहीं करना। कारण, यदि…
मेरे बच्चे, यदि तुम एकाग्र होकर गहराई से मेरी आँखों में देख सको तो तुम्हें वह सब मिल जायेगा जो…
भय गुप्त स्वीकृति है । जब तुम किसी चीज़ से डरते हो तो इसका या अर्थ है कि तुम उसकी…