श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

निस्वार्थ कार्य

जब तुम अपने-आपको किसी नि:स्वार्थ  कार्य की परिपूर्णता के लिये सौंप देते हो तो कभी सामान्य लोगों से प्रशंसा या सहायता की आशा न करो। इसके विपरीत, वे हमेशा तुम्हारे विरुद्ध लड़ेंगे , तुमसे घृणा करेंगे और तुम्हें बुरा भला कहेंगे ।

परंतु भगवान हमेशा तुम्हारे साथ रहेंगे।

संदर्भ : माताजी के वचन (भाग-२)

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