जीवन की कठिन घड़ियों में हर एक का अत्यावश्यक कर्तव्य है भगवान के प्रति समग्र, अप्रतिबंध आत्म निवेदन में अपने…
ओह, बेचैन क्यों हुआ जाये और यह चाह क्यों की जाये कि हमारे लिए वस्तुएँ अमुक दिशा ही अपनाएँ, कोई…
जब तुम अपने हृदय और विचार में मेरे ओर श्रीअरविन्द के बीच कोई भेद न करोगे, जब अनिवार्य रूप से…
जो लोग अन्धकार और मिथ्यात्व की शक्तियों पर 'सत्य' की ज्योति के विजयी होने में सहायता करना चाहते हैं वे…
समृद्धि केवल उसी के साथ टिकी रह सकती है जो उसे भगवान को अर्पित करता है । संदर्भ : माताजी…
सुखी तथा सफल जीवन के लिए सच्चाई, नम्रता, अध्यवसाय और प्रगति के लिए कभी न बुझने वाली प्यास जरूरी हैं…
हमारा मूल्य अपने-आपका अतिक्रमण करने के प्रयास के परिमाण में है, और अपने-आपका अतिक्रमण करने का अर्थ है , भगवान…
ठीक उस समय जब हर चीज़ बद-से-बदतर होती हुई मालूम होती है, उसी समय हमें श्रद्धा का परम कर्म करना…
जब तुम अपने-आपको किसी नि:स्वार्थ कार्य की परिपूर्णता के लिये सौंप देते हो तो कभी सामान्य लोगों से प्रशंसा या…
केवल उस समय जब मनुष्यों के विकास के लिए यह आवश्यक नहीं रह जाएगा कि मेरा शरीर उनके समान रहे,…