श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

सुखी तथा सफल जीवन

सुखी तथा सफल जीवन के लिए सच्चाई, नम्रता, अध्यवसाय और प्रगति के लिए कभी न बुझने वाली प्यास जरूरी हैं । सबसे बढ़ कर यह कि तुम्हें विश्वास हो कि प्रगति कि सम्भावना असीम है । प्रगति यौवन है, तुम सौ वर्ष की उम्र में भी युवक हो सकते हो ।

संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)

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