बेचैनी

% दिन पहले

शायद मधुर माँ मुझसे किसी कारण नाराज हैं । में बेचैन हूँ ।  मैं बिलकुल नाराज नहीं हूँ। लेकिन कैसी…

कुछ भी असंभव नहीं

% दिन पहले

... यदि तुम एक सामान्य व्यक्ति हो हो और यदि तुम कष्ट उठाओ और पद्धति से परिचित होओ तो, तुम्हारा…

मन के वाद-विवाद

% दिन पहले

प्रश्न : मन मे वाद-विवाद को कैसे रोका जाये ?   पहली शर्त है जितना हों सके उतना कम बोलो…

व्यवस्था और नियम

% दिन पहले

व्यवस्था हम अवश्य करें, किन्तु व्यवस्था या नियम बनाने और उसके पालन में भी हमें सदा इस सत्य पर दृढ़…

श्रद्धास्पद वस्तु

% दिन पहले

अधिकतर मनुष्यों की आध्यात्मिक उन्नति बाह्य आश्रय की, अर्थात् उनसे बाहर विद्यमान किसी श्रद्धास्पद वस्तु की अपेक्षा करती है। उन्हें…

अत्यावश्यक कर्तव्य

% दिन पहले

जीवन की कठिन घड़ियों में हर एक का अत्यावश्यक कर्तव्य है भगवान के प्रति समग्र, अप्रतिबंध आत्म निवेदन में अपने…

ओह, बैचेन क्यों हुआ जाये

% दिन पहले

ओह, बेचैन क्यों हुआ जाये और यह चाह क्यों की जाये कि हमारे लिए वस्तुएँ अमुक दिशा ही अपनाएँ, कोई…

अतिमानसिक शक्ति और चेतना के प्रति खुलना

% दिन पहले

जब तुम अपने हृदय और विचार में मेरे ओर श्रीअरविन्द के बीच कोई भेद न करोगे, जब अनिवार्य रूप से…