शायद मधुर माँ मुझसे किसी कारण नाराज हैं । में बेचैन हूँ ।
मैं बिलकुल नाराज नहीं हूँ। लेकिन कैसी अजीब-सी बात है की अपने-आपको ऐसी छोटी-छोटी बातों से बेचैन होने दिया जाये ! तब फिर योग के बारे में क्या ?
तुम्हें इस सबको झाड़ फेकना और चेतना की ज़्यादा अच्छी स्थिति में लौट आना चाहिये।
आशीर्वाद ।
संदर्भ : श्रीमातृवाणी (खण्ड-१६)
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…
श्रीअरविंद ने कितनी ही बार इस बात को दोहराया है कि परमात्मा हास्यप्रिय हैं और…