जगत के इतिहास में श्रीअरविंद जिस चीज़ का प्रतिनिधित्व करते है वह कोई शिक्षा नहीं है, वह कोई अंत:प्रकाश भी नहीं है; वह है सीधे परम पुरुष से आई निर्णायक क्रिया । -श्रीमाँ
उनके दुःख-दर्द से तीव्र रूप से पीड़ित होकर मैं तेरी ओर मुड़ी और उसका उपचार…
भागवत शक्ति को ग्रहण करने की क्षमता प्राप्त करने तथा तुम्हारे माध्यम से बाह्य जीवन…
यह कभी न भूलो कि तुम अकेले नहीं हो । भगवान् तुम्हारे साथ हैं, तुम्हारी…
जहाँ कहीं तुम एक महान अंत देखो, निश्चित हो जाओ कि एक महान आरंभ हो…
हमें यादों से इतना स्नेह होता है क्योंकि वे सार्वभौमिक हैं। उनके अन्दर 'अनन्तता' के…