जगत के इतिहास में श्रीअरविंद जिस चीज़ का प्रतिनिधित्व करते है वह कोई शिक्षा नहीं है, वह कोई अंत:प्रकाश भी नहीं है; वह है सीधे परम पुरुष से आई निर्णायक क्रिया । -श्रीमाँ
जीवनयात्रा में समस्त भय, संकट और विपदा का सामना करने के लिए कवच के रूप…
अपने तुच्छ, स्वार्थपूर्ण व्यक्तित्व से बाहर निकलो ओर अपनी भारतमाता के योग्य शिशु बनो ।…