मधुर मां, हम ईर्ष्या और प्रमाद से कैसे पिण्ड छुड़ा सकते या उन्हें ठीक कर सकते हैं ? स्वार्थ तुम्हें…
माँ, क्या अपने अन्दर रोगमुक्त करने की क्षमता विकसित करना सम्भव है? सिद्धान्त रूप में, सचेतन रूप से दिव्य शक्ति…
जो भी पूर्णता के मार्ग पर बढ़ना चाहता है उसे मार्ग में आने वाली कठिनाइयों के बारे में कभी शिकायत…
मन हमेशा सक्रिय रहता है, किन्तु हमलोग पूरी तरह से यह नहीं देखते कि यह क्या कर रहा है, पर…
सभी जगह मनुष्यों और उनका स्वभाव एक ही होता है। लेकिन मैं उनके दोषों और दुर्बलताओं को नहीं देखती, मैं…
मनुष्य अपनी वास्तविक प्रकृति में... एक आत्मा है जो मन, प्राण तथा शरीर का उपयोग व्यक्तिगत तथा सामुदायिक अनुभव के…
मधुर माँ , आपने लिखा है, "सब त्यागों में अपनी अच्छी आदतों को त्यागना सबसे कठिन है।" इससे आपका ठीक-ठीक…
... शुरू से अन्त तक तथा प्रत्येक पग पर श्रद्धा आवश्यक है क्योंकि यह अन्तरात्मा की एक ऐसी अनुमति है…
क्या ऐसे चिन्ह है जो यह बतलाते हैं कि मनुष्य इस पथ के लिए तैयार हो गया है, विशेषकर जब…
... अगर हर एक जो कुछ जरूरी है वह करे और भरसक अधिक-से-अधिक करे तो एक ऐसी स्थिति तक पहुंच…