प्र) आध्यात्मिक पूर्णता में क्या विनोदप्रियता का कोई स्थान है ?
उ) अगर कोई सिद्ध कभी नहीं हँसता तो वह उसकी अपूर्णता है ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
व्यापक दृष्टि से विचार करने पर मुझे ऐसा लगता है कि प्रचार करने योग्य सबसे…
तुम पानी में गिर पड़ते हो। वह विपुल जलराशि तुम्हें भयभीत नहीं करती। तुम हाथ-पांव…
अंदर की बेचैनी ही तुम्हें आंतरिक और बाह्य रूप से नींद लेने से रोकती है।…
तुम्हें डरना नहीं चाहिये। तुम्हारी अधिकतर कठिनाइयां भय से आती है। वास्तव में, ९० प्रतिशत…