प्र) आध्यात्मिक पूर्णता में क्या विनोदप्रियता का कोई स्थान है ?
उ) अगर कोई सिद्ध कभी नहीं हँसता तो वह उसकी अपूर्णता है ।
संदर्भ : श्रीअरविंद के पत्र
हे माँ , मैं आपकी उपस्थिति का अनुभव क्यों नहीं करता ? मानसिक गतिविधि की…
कोई संस्था प्रगतिशील हुए बिना जीवित नहीं रह सकती। सच्ची प्रगति है हमेशा भगवान् के…