श्रेणियाँ श्री माँ के वचन

एकता और एकरूपता की प्राप्ति

अपनी सत्ता में एकता और एकरूपता स्थापित करने के उपाय क्या हैं ?

अपने संकल्प को दृढ़ रखो। अपने उद्धवत भागों के साथ ऐसा व्यवहार करो जैसा कहना न मानने वाले बच्चों के साथ किया जाता है। उन पर लगातार और ध्यानपूर्वक क्रिया करते रहो, उन्हें अपनी भूल अवगत करा दो।

तुम्हारी चेतना की गहराइयों में तुम्हारे अंदर रहने वाले भगवान का मंदिर, तुम्हारा चैत्य पुरुष है। यही वह केंद्र है जिसके चारों ओर तुम्हारी सत्ता के इन सब विभिन्न भागों को, इन सब परस्पर-विरोधी गतियों को जाकर एक हो जाना चाहिये। तुम एक बार चैत्य पुरुष की चेतना को और उसकी अभीप्सा को पा लो तो इन संदेहों और कठिनाइयों को नष्ट किया जा सकता है। इस काम में कम या अधिक समय तो लगेगा, परंतु अंत में तुम सफल अवश्य होओगे।

संदर्भ : प्रश्न और उत्तर १९२९-१९३१

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